Surya Grahan 2025 Date: कब लगेगा सदी का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण?

Surya Grahan 2025 Date: साल 2027 में लगेगा सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण — इसके दिन, समय, भारत में दृश्यता, सावधानियाँ, प्रकार, और आम पूछे जाने वाले प्रश्नों सहित

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है। यह घटना केवल अमावस्या के दिन संभव होती है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं – पूर्ण, आंशिक और कंकणाकार (अधरकलाकारी)। पूर्ण ग्रहण में सूर्य पूरी तरह ढक जाता है, जबकि आंशिक ग्रहण में उसका कुछ हिस्सा ही छिपता है। कंकणाकार ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को केंद्र से ढकता है और चारों ओर अंगूठी जैसी आकृति दिखाई देती है।

Surya Grahan 2025 Date

सूर्य ग्रहण के दौरान नंगी आंखों से सूर्य देखना खतरनाक होता है, क्योंकि इससे आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान हो सकता है। इसे देखने के लिए विशेष सोलर ग्लास या सोलर फिल्टर का उपयोग करना चाहिए।

साल 2027 का सूर्य ग्रहण 2 अगस्त को लगेगा, जिसे सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण माना जा रहा है। यह ग्रहण लगभग 6 मिनट 22 सेकंड तक चलेगा, जो 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण ग्रहण होगा। भारत में यह ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा। यह अद्भुत खगोलीय घटना वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए शोध व अवलोकन का विशेष अवसर होगी।

🌞 सूर्य ग्रहण कब लगेगा — दिन और समय (Surya Grahan 2025 Date and Time)

  • तिथि: 2 अगस्त 2027। यह एक सोमवार होगा।
  • समय:
    • दुनिया भर में अधिकतम पूर्णता का समय UTC में 10:07:50 के आसपास है। यह भारत में स्थानीय समय (IST) में लगभग 15:37:50 होगा।
    • भारत में यह एक आंशिक ग्रहण होगा: नए दिल्ली में इसकी अधिकतम दृश्यता स्थानीय समय 16:29:18 IST के आसपास होगी, जिसमें सूर्य का लगभग 16.8% हिस्सा ढकेगा।

सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण क्यों कहा जा रहा है?

  • यह ग्रहण लगभग 6 मिनट 22–23 सेकंड तक चलेगा, जो 21वीं सदी (1991 से 2114) में धरती पर देखे जाने वाला सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण है। अगला ऐसा ग्रहण 2114 तक नहीं होगा।
  • हालांकि सोशल मीडिया पर इसे “100‑साल में एक बार” बताया गया, लेकिन विशेषज्ञ अनुसार यह 87 वर्षों में सबसे लंबा होगा, न कि शताब्दी में केवल एक।

जानिए कहां-कहां नजर पूर्ण सूर्य ग्रहण?

पूर्ण सूर्य ग्रहण (Totality Path)

ये ग्रहण निम्न देशों के कुछ हिस्सों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा:

  • स्पेन (Cadiz, Málaga) और Gibraltar: भूमध्यसागर के दक्षिणी तटों पर कुछ मिनट की पूर्णता।
  • मारोको, अल्जीरिया, ट्यूनीसिया, लिबिया: उत्तरी अफ्रीका में पूरी यात्रा के दौरान राह बनी हुई है।
  • मिस्र (Egypt): Luxor (अनुबिस़ पते और नील के पास) के पास सबसे लंबा पूर्ण ग्रहेण (~6 मिनट 22 सेकंड)।
  • सऊदी अरब (Jeddah, Mecca आदि), येमेन (Sana’a): मध्य पूर्व में भी पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा।
  • सोमालिया के पूर्वोत्तर छोर और ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र (Chagos Archipelago) में भी पूर्ण ग्रहण संभव है।

आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Visibility)

इसके आसपास हजारों किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में आंशिक ग्रहण देखा जा सकता है, जिसमें ये भाग शामिल हैं:

  • पूरी यूरोप, साउदर्न अफ्रीका का अधिकांश हिस्सा।
  • मध्य पूर्व, दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशिया, जैसे कि भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नीपाल, मालदीव।
  • उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्से, अटलांटिक क्षेत्र और कनाडा के पूर्वी किनारे।
    ये क्षेत्र पूर्णता के मार्ग के बाहर हैं, लेकिन ग्रहण का आंशिक हिस्सा दिखाई देगा।

उदाहरण स्वरुप:

  • भारत में सूर्य का लगभग 10–20% हिस्सा ग्रहणद्वारा ढका जाएगा, शाम के समय लगभग 15:34 बजे से प्रारंभ हो कर ~17:53 बजे तक।
  • पोटेंशियल क्लियर व्यू के लिए उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्वी देशों की तुलना में आंशिक दृश्यता सीमित होती है।

Surya Grahan 2025 In India

📊 सारांश तालिका

क्षेत्र / देश दृश्यता प्रकार विवरण
Southern Spain (Cadiz, Málaga), Gibraltar पूर्ण ग्रहण (Totality) लगभग 4–5 मिनट तक सूर्य पूरी तरह छिपेगा
Morocco, Algeria, Tunisia, Libya पूर्ण ग्रहण विस्तृत क्षेत्र जहां पूर्णता दिखाई देगी
Egypt (Luxor & आसपास) पूर्ण ग्रहण (लंबी अवधि) लगभग 6 मिनट 22 सेकंड की सर्वोच्च पूर्णता
Saudi Arabia (Jeddah, Mecca), Yemen पूर्ण ग्रहण सीमित अवधि के पूर्ण दृश्य
Somalia, British Indian Ocean Territory पूर्ण ग्रहण सीमित क्षेत्र लेकिन पूर्ण दृश्य संभव
यूरोप, दक्षिण अफ्रीका, एशिया, भारत इत्यादि आंशिक ग्रहण सूर्य का कुछ हिस्सा ही ओझल होगा

सूर्य ग्रहण क्या होता है? (What is Solar Eclipse)

  • यदि चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह छिपा देता है तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) कहते हैं; यदि कुछ हिस्सा ही छुपता है, तो आंशिक ग्रहण (Partial Eclipse); और यदि सूर्य का केंद्र दृश्यमान रह जाए, तो अधरकलाकारी ग्रहण (Annular Eclipse) कहलाता है।

 भारत में दिखेगा क्या?

  • इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की पूरी (Totality) भारत में नहीं दिखेगी। भारत में इसे केवल आंशिक रूप से देखा जा सकेगा। जैसे नई दिल्ली में लगभग 16.8% सूर्य ढकेगा, स्थानीय समय में 16:29 बजे के आसपास।

सूर्य ग्रहण के प्रकार (Types of Surya Grahan)

  1. पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) – जैसे 2 अगस्त 2027 को कुछ देश में होगा।
  2. आंशिक ग्रहण (Partial Solar Eclipse) – जब सूर्य का एक हिस्सा ढका होगा, जैसे भारत में दिखेगा।
  3. अधरकलाकारी ग्रहण (Annular Solar Eclipse) – जब चंद्रमा सूर्य को केंद्र से ढकता हुआ “रिंग” जैसा दृश्य बनाता है। उदाहरण: 6 फरवरी 2027 को हुआ आंध्र ग्रहण।

किस समय लगेगा ये सूर्य ग्रहण?

देश/क्षेत्र आंशिक शुरुआत अधिकतम आंशिक समापन पूर्णता अवधि (यदि लागू हो)
नई दिल्ली, भारत ~15:34 IST ~16:29 IST ~17:53 IST
पूर्ण दृश्यता क्षेत्र (उदाहरण: लक्सर, मिस्र) लगभग 11:40 स्थानीय समय लगभग 13:02 ~6 मिनट 21 सेकंड
  • मिस्र (Luxor) में पूर्ण ग्रहण की अवधि लगभग 6 मिनट 21 सेकंड थी। कुल मिलाकर, यह धरती के किसी भी बिन्दु पर देखा जाने वाला 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण ग्रहण है।

सूर्य ग्रहण देखने के समय बरतें ये सावधानी

  • नंगी आँखों से सूर्य‑ग्रहण न देखें, क्योंकि इससे गंभीर नेत्र क्षति हो सकती है।
  • हमेशा ISO-certified solar eclipse glasses या सोलर फिल्टर युक्त टेलीस्कोप/दूरबीन का उपयोग करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों की निगरानी करें कि वे सीधे सूर्य न देखें।
  • ध्यान रखें कि सूर्य के किसी भी स्टील या पानी वाली परावर्तक सतह से फर्क नहीं पड़ता — प्रतिबिम्ब भी अत्यधिक खतरनाक होता है।
  • यदि फोटोग्राफी करना हो, तो सोलर फिल्टर की जरूरत होती है, अन्यथा कैमरा सेंसर भी क्षतिग्रस्त हो सकता है।
  • ग्रहण दौरान उचित समय पर ब्रेक लें और आँखों को विश्राम दें।

FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह ग्रहण पूरी तरह भारत में दिखेगा?

नहीं, भारत में इस दिन केवल आंशिक ग्रहण ही दिखाई देगा; पूर्ण ग्रहण भारत से नहीं दिखाई देगा।

क्या यह सच में “सदी का ग्रहण” है?

तकनीकी रूप से यह सदी का सबसे लंबा पूर्ण ग्रहण नहीं है, लेकिन 21वीं सदी (1991–2114) का सबसे लंबा धरती पर दृश्य ग्रहण है। सोशल मीडिया पर “100 वर्षों में एक बार” जैसी बातें कई बार अतिशयोक्ति हैं।

इस ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व क्या है?

  • इतने लंबे पूर्ण ग्रहण के दौरान सूर्य का कोरोना, सोलर फैल्स, तापमान परिवर्तन, और ध्रुवीय वायु परिवर्तन जैसे वैज्ञानिक अध्ययन किए जा सकते हैं।
  • खगोलशास्त्री तापीय, चुंबकीय और आयनिक क्षेत्रों की जानकारी जुटा सकते हैं।

भविष्य में ऐसा कोई ग्रहण कब होगा?

  • अगला संभवतः इसी तरह का 6 मिनट + ग्रहण 2114 तक नहीं होगा।
  • आने वाला 6 फरवरी 2027 का ग्रहण अधरकलाकारी (Annular) होगा, पूरा धरती पर स्थलीय दृश्यता नहीं होगी।

क्या भारत से देखने के लिए विदेश यात्रा करनी होगी?

हाँ, यदि आप पूर्ण ग्रहण (Total Solar Eclipse) देखना चाहते हैं, तो आपको मिस्र (Luxor), ट्यूनीशिया, लीबिया, या सऊदी अरब, जुबडन जैसे मध्य पूर्वी भाग जैसे देशों में जाना पड़ेगा, जहाँ ग्रहण पूर्ण रूप से दिखेगा।

निष्कर्ष

2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण (लगभग 6 मिनट 22–23 सेकंड) होगा, जिसमें सूर्य पूरी तरह छिप जाएगा और दिन में अँधेरा छा जाएगा। यह घटना कई यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्वी देशों में पूर्ण रूप से देखी जाएगी, लेकिन भारत में केवल आंशिक रूप से, और वह भी सूर्यास्त के करीब दिखेगा। यह खगोलीय घटना वैज्ञानिक, खगोलप्रेमी और आम जनमानस के लिए एक अद्वितीय अवसर होगी।

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